गुरुवार, 9 अगस्त 2012

नकद प्रोत्साहन योजना का प्रारूप

कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने हेतु
नकद प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत
हिंदी में किए गए कार्यो का मासिक विवरण

कार्मिक का नाम_____________ पदनाम__________
वेतन क्रमांक__________
कार्यालय/विभाग का नामः_____________________
कार्य की अवधिः 1.4.20____  से 31.3.20____ तक

सप्ताह
(सोम से शुक्र)
मूल पत्रों की शब्द संख्या
रजिस्टरों मे प्रविष्ट शब्दों की संख्या
टिप्पणियों की शब्द संख्या
फाइलों व रजिस्टरों के शीर्षकों की शब्द सं
योग
कार्मिक के हस्ताक्षर
कार्यालय/
विभाग प्रभारी के हस्ताक्षर
   







अप्रेल   सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







मई     सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







जून    सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







जुलाई   सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







अगस्त  सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह4







सप्ताह5







सितंबर  सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







योग







सप्ताह
(सोम से शुक्र)
मूल पत्रों की शब्द संख्या
रजिस्टरों मे प्रविष्ट शब्दों की संख्या
टिप्पणियों की शब्द संख्या
फाइलों व रजिस्टरों के शीर्षकों की शब्द सं
योग
कार्मिक के हस्ताक्षर
कार्यालय/
विभाग प्रभारी के हस्ताक्षर
   







अक्तूबर  सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







नवंबर   सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







दिमंबर  सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







जनवरी  सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







फरवरी  सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह4







सप्ताह5







मार्च    सप्ताह-1







सप्ताह-2







सप्ताह-3







सप्ताह-4







सप्ताह-5







योग









हिंदी में काम करने पर नकद पुरस्कार योजना

कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने हेतु
नकद प्रोत्साहन योजना 2005 का संक्षिप्त विवरण

  1. यह योजना कंपनी के सभी श्रेणी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू है।
  2. इस योजना में प्रत्येक शाखा कार्यालय , मंडल कार्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय के निम्नलिखित विभाग स्वतंत्र इकाई के रूप में शामिल होंगे -
    1. कार्मिक विभाग सभी श्रेणियों के कार्मिक विभाग व संबंधित अन्य विभाग जैसे आवास ऋण इत्यादि
    2. लेखा विभाग लेखा, पेंशन, वेतन इत्यादि सभी संबंधित विभाग
    3. संपदा व स्थापना विभाग, मुद्रण व लेखन सामग्री एवं प्रेषण विभाग
    4. विधि विभाग विधि से संबंधित सभी विभाग जैसे मोटर तृतीय पक्ष उपभोक्ता मंच इत्यादि।
    5. दावा केंद्र
    6. उप महाप्रबंधक सचिवालय, सूचना प्रौद्योगिकी एमआईएस, प्रचार, एजेंट भर्ती व संबंधित विभाग
    7. सभी तकनीकी विभाग जैसे मोटर ओडी, अग्नि, मरीन, इंजीनियरी व टीपीए इत्यादि
    8. ऑडिट, ऑडिट अनुपालन, प्रशिक्षण केंद्र, व सतर्कता विभाग

  1. हिंदी विभाग में कार्यरत कार्मिक जैसे अनुवादक, हिंदी टंकक इत्यादि इस योजना में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।
  2. यह योजना दो भागों में विभक्त होगी (क) हिंदी में टंकित कार्य हेतु (ख) हिंदी में हस्तलिखित कार्य हेतु
  3. (क)टाइपिंग कार्य हेतु पात्रता हर तिमाही में 300 नोट, मसौदे व पत्रादि में 1200 शब्द हिंदी में टाइप करने वाला कोई भी कार्मिक इस योजना में भाग लेने का पात्र होगा।
    1. वे कर्मचारी जिनकी मातृभाषा ग-क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा अर्थात  तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम,त बांग्ला, असमिया, उड़िया, कश्मीरी इत्यादि है उन्हें 20% की छूट जी जाएगी, अर्थात उन्हें 240 मसौदे व पत्रादि मे 9600शब्द प्रति तिमाही में टाइप करने होंगे।
    2. इसी प्रकार जिनकी मातृभाषा ख-क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा अर्थात पंजावी, मराठी या गुजराती है, उन्हें 10% की छूट दी जाएगी, अर्थात कम से केम 270 मसौदों व पत्रादि में 10800 शब्द हिंदी में लिखने होंगे।
    3. कंप्यूटर पर पुनर्मुद्रित पत्रों  को इस योजना के अंतर्गत सिर्फ एक बार गिना जाएगा।
    4. मुद्रित मानक फार्मों पर टाइप की गई प्रविष्टि मात्र को ही हिंदी में किया गया कार्य माना जाएगा।
(ख) हिंदी में हस्त लिखित कार्य हेतु पात्रता
1. जो कार्मिक एक वित्तीय वर्ष के दौरान  कम से कम 20000 शब्द हिंदी में लिखते हैं, वे इस प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र होंगे।
2. जिनकी मातृभाषा ख-क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा अर्थात पंजावी, मराठी या गुजराती है, उन्हें 10% की छूट दी जाएगी अर्थात उन्हें एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 18000 शब्द हिंदी में लिखने होंगे।
3. जिनकी मातृभाषा क व ख क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में बोली जाने वाली कोई भाषा है उन्हे 20% की छूट दी जाएगी अर्थात उन्हें कम से कम 16000 शब्द हिंदी  में लिखने होंगे।
4.लेखा विभाग में कार्य करने वाले कार्मिकों को भी 20%  की छूट दी जाएगी। अतः यदि लेखा विभाग में कार्यरत किसी कार्मिक की मातृभाषा क-क्षेत्र की कोई भाषा है तो उसे 16000 शब्द, यदि ख क्षेत्र की कोई भाषा है तो 14400 शब्द तथा यदि ग-क्षेत्र में बोली जाने वाली कोई भाषा है तो उसे इसकी पात्रता के लिए कम से कम 12800 शब्द हिंदी में लिखने होंगे।
5. संख्यात्मक प्रविष्टियों को शब्द के रूप में नहीं गिना जाएगा।
6. मानक रूप से मुद्रित या टंकित फार्मों पर हाथ से लिखी गई प्रविष्टि को ही हिंदी में किया गया कार्य माना जाएगा।
.   प्रोत्साहन की दर
(क) हिंदी टाइपिंग रु. 350.00 प्रति तिमाही जिसे साल के अंत में दिया जा सकता है।
          (ख) हिंदी में हस्तलिखित कार्य
           प्रथम पुरस्कार -   रु. 750.00 प्रति वित्तीय वर्ष
           द्वितीय पुरस्कार - रु. 500.00 प्रति वित्तीय वर्ष
           तृतीय पुरस्कार - रु. 350.00 प्रति वित्तीय वर्ष
  1. रिकॉर्ड का रख-रखाव इस योजना  में भाग लेने वाले कार्मिक को अपने हिंदी कार्य का रिकॉर्ड स्वयं रखना होगा एवं निरीक्षण के समय मूल्यांकन समिति को दिखाना होगा। रिकॉर्ड प्रस्तुति का प्रारूप इस विवरण के साथ संलग्न है।
  2. हिंदी में किए गए कार्य से संबंधित प्रविष्टि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के समाप्त होने पर क्षेत्रीय कार्यालय के हिंदी विभाग को उपलब्ध करा दी जाए। यदि आवश्यक हुआ तो मूल्यांकन समिति के सदस्य किए गए कार्य का निरीक्षण कर सकते हैं।

(सुदर्शन भरीजा)
 क्षेत्रीय प्रबंधक

बुधवार, 8 अगस्त 2012

विंडोज़ आधारित सॉफ्टवेयरों में हिंदी फॉण्ट सक्रिय करना


विंडोज़ एक्सपी में हिंदी व अन्य भाषाओं को सक्रिय करने की विधिः

1.     स्टार्ट अथवा माई कंप्पयूटर में जा कर  कंट्रोल पैनल को क्लिक करें।
2.     कंट्रोल पैनल में  रीजनल एण्ड लैंग्वेज ऑप्शन्स को क्लिक करें।
3.     रीजनल एंड लैंग्वेज ऑप्शन्स में लैंग्वेजेज़ टैब पर क्लिक करें।
4.     लैंग्वेजेज़ टैब के अंतर्गत इंस्टॉल फाइल्स फॉर क़ॉम्प्लैक्स स्क्रिप्ट एण्ड राइट टु लेफ्ट लैंग्वेजेज़(इन्क्ल्यूडिंग थाई) को चुनें (अर्थात खाली खाने में कर्सर ले जा कर क्लिक करें)
5.     एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा, उसके OK पर क्लिक करें एवं रीजनल एंड लैंग्वेज ऑप्शन्स के एप्लाई को क्लिक करें। यदि कंप्यूटर पर सीडी डालने का कोई निर्देश न आए तो OK पर क्लिक करें।
6.     यदि विंडोज़ की कुछ फाइले(i386) आपके सिस्टम में उपलब्ध नहीं होंगी तो सिस्टम आपको विंडोज़ एक्सपी के संबंधित संस्करण की सीडी डालने का निर्देश देगा। सीडी ड्राइव में सीडी डालकर OK पर क्लिक करें।
7.     सिस्टम रीस्टार्ट करने का निर्देश देगा, यदि आप रीस्टार्ट करते हैं तो कंप्यूटर पुनः खुलने पर पुनः कंट्रोल पैनल में जा कर रीजनल एंड लैंग्वेज ऑप्शन्स को क्लिक करें। इसके बाद रीजनल ऑप्शन्स टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन मेन्यू बॉक्स के तीर के निशान पर क्लिक करके सूची में से हिंदी अथवा अपनी पसंद की कोई भी भारतीय भाषा चुन कर क्रमशः एप्लाईओके पर क्लिक करें।
8.     दूसरा तरीका है कि आप कंप्यूटर रीस्टार्ट न करके नो पर क्लिक करें एवं इसके बाद डिटेल्स टैब पर कर्सर ले जा कर क्लिक करें।
9.     टैक्सट सर्विसेस एण्ड इनपुट लैंग्वेज नामक डायलॉग बॉक्स खुलेगा, इसके दाएँ कोने में दिए ऍड(Add) बटन पर क्लिक करें।
10. अब ऍड इनपुट लैंग्वेज नामक डायलॉग बॉक्स खुलेगा जिसमें इनपुट लैंग्वेज में तीर के निशान पर क्लिक करके भाषाओं की सूची से हिंदी अथवा अपनी मन पसंद भारतीय भाषा चुनें और की-बोर्ड के अंतर्गत देवनागरी-इंस्क्रिप्ट या हिंदी ट्रेडीशनल चुन कर ओके पर क्लिक करें।
11. अब कंप्यूटर को रीस्टार्ट करें। दुबारा खुलने पर अपनी पसंद का एप्लीकेशन खोलें, जैसे एमएस वर्ड। स्टेटस बार के एक कोने में EN दिखाई देगा, उस पर कर्सर ले जा कर क्लिक करेंगे तो EN-English और HI-Hindi के विकल्प दिखाई देंगे। हिंदी को चुनें। अब आप हिंदी में टाइप करना शुरू कर सकते हैं।


विंडोज़ 2007 में हिंदी व अन्य भाषाओं को सक्रिय करने की विधिः

1.    स्टार्ट मेन्यू में जाकर कंट्रोल पैनल को क्लिक करें।
2.     कंट्रोल पैनल में क्लॉक, लैंग्वेज एण्ड रीजन के अंतर्गत चेंज की बोर्ड्स और अदर इनपुट मैथड्स को क्लिक करें।
3.     चेंज की बोर्ड्स और अदर इनपुट मैथड्स के अंतर्गत की-बोर्ड्स एण्ड लैंग्वेजेज़ ऑप्शन को क्लिक करें।
4.     की-बोर्ड्स एण्ड लैंग्वेजेज़ ऑप्शन के अंतर्गत चेंज की बोर्ड्स पर क्लिक करें।
5.     अब टैक्स्ट सर्विसेस एण्ड इनपुट लैंग्वेजेज़ नाम की विंडो खुलेगी, इसकी जनरल टैब के अंतर्गत एड(Add) बटन पर क्लिक करें।
6.     यहां से हिंदी अथवा अपनी मनपसंद भाषा एवं उससे संबंधित की-बोर्ड को चुनें।
7.     क्रमशः एप्लाई और ओके बटनों पर क्लिक करें।
8.     यदि कंप्यूटर रीस्टार्ट करने का निर्देश दे तो कंप्यूटर को रीस्टार्ट करें।
अब आप अपने कंप्यूटर पर हिंदी में काम कर सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि अपना मनपसंद एप्लीकेशन खोलने के बाद स्टेटस बार या टास्कबार के एक कोने में दिखाई दे रहे EN पर क्लिक करके हिंदी(HI) को चुन लें।

हिंदी में टाइप कैसे करें
कंप्यूटर पर टाइप करने का सबसे अच्छा विकल्प है इंस्क्रिप्ट की-बोर्ड के माध्यम से टाइप करना। इंस्क्रिप्ट की-बोर्ड न केवल भारत सरकार का मानक है अपितु एक वैज्ञानिक की-बोर्ड है जिसे बहुत जल्दी सीखा जा सकता है और बहुत आसानी से इसके माध्यम से द्रुत गति से टाइप किया जा सकता है। यही नहीं इस एक की-बोर्ड को सीख कर किसी भी भारतीय भाषा में बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के टाइप किया जा सकता है। यही कारण है कि माइक्रोसॉफ्ट व गूगल इत्यादि कंपनियों ने अपने यूनीकोड आधारित फोंट के साथ डिफॉल्ट रूप में केवल इंस्क्रिप्ट की-बोर्ड ले-आउट को ही शामिल किया है।

इंस्क्रिप्ट की बोर्ड की संरचना और उसे कैसे सीखा जा सकता है इसकी विस्तृत चर्चा अगले आलेख में की जाएगी। तब तक जिन्हें रेमिंग्टन अथवा इंग्लिश फोनेटिक में देवनागरी लिपि में टाइप करना हो वे www.bhashaindia.com पर जाएँ और डाउन लोड्स पर क्लिक करें। जिनके कंप्यूटर में विंडो एक्सपी है वे इंडीक इनपुट-1 से हिंदी या अपनी पसंद की भारतीय भाषा के डाउनलोड पर क्लिक करें। जिनके कंप्यूटर में विंडो विस्टा या विंडो-7 है वे इंडीक इनपुट-2 के 32 बिट वाले कॉलम से हिंदी या वांछित भारतीय भाषा के डाउनलोड पर क्लिक करें एवं आगे आने वाले निर्देशों का पालन करें। आपके कंप्यूटर पर सभी इनपुट टूल्स इंस्टॉल हो जाएँगे। कंप्यूटर स्क्रीन के टास्क बार में जहाँ टाइपराइटर का चिह्न बना हो वहाँ क्लिक करके वांछित इनपुट टूल चुनें और हिंदी या किसी अन्य भारतीय भाषा में टाइप करना आरंभ करें।

-भूपेंद्र कुमार

सोमवार, 16 जुलाई 2012

विश्वभाषा के रूप में अग्रसर हिंदी

अमेरिका में हिन्दी के लिए प्रयासरत है युवा हिन्दी प्रेमी एडलर

"अमेरिका के मोंटाना विश्वविद्यालय में पढ़ रहे एक अमेरिकी विद्यार्थी ने अपने विश्वविद्यालय में हिन्दी की कक्षा शुरू करवाने का बीडा उठाया है. राजनीति विज्ञान के इस विद्यार्थी ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों से वहाँ हिन्दी सीखने के इच्छुक विद्यार्थियों का एक समूह भी बना लिया.अमेरिका के इस युवा हिन्दी प्रेमी को उम्मीद है कि निकट भविष्य में उसका ये सपना ज़रूर साकार होगा. "
हम अंग्रेजी भाषी है और कभी-कभार हिन्दी में बोलते है मगर अब हम हिन्दी भाषी होकर कभी-कभार अंग्रेजी बोलने वाले बनना चाहते है. हिन्दी के प्रति दीवानगी की हद तक जाकर कही गई ये बात किसी भारतीय ने नहीं बल्कि एक ठेठ अमेरिकन ने कही है. हिन्दी के प्रति समर्पित इस अमेरिकी युवा का नाम जूलियन एडलर है.अपने हिन्दी प्रेम के कारण जूलियन अपने दोस्तों के बीच हिन्दी प्रेमी के नाम से जाने जाते है.
अमेरिका के मोंटाना विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी जूलियन ने अपने विश्वविद्यालय में हिन्दी सीखने के इच्छुक विद्यार्थियों का एक समूह बना लिया है. इस समूह में फिलहाल एडलर सहित कुल सात विद्यार्थी है.उसे यकीन  है कि जल्दी ही इस समूह में इतने विद्यार्थी हो जाएंगे कि अगले सत्र से इसे विश्व-विद्यालय के छात्र समूहों की सूची में जोड़ लिया जाए. एडलर को ये भी उम्मीद है कि निकट भविष्य में यहाँ दूसरी कुछ विदेशी भाषाओं की तरह हिन्दी की कक्षाएं भी शुरू हो सकेंगी.ये तो भविष्य की बात है मगर वर्त्तमान में विश्वविद्यालय में अरबी के प्राध्यापक समीर बितार ने इन लोगों को हिन्दी पढाने के लिए एक हिन्दी शिक्षक की व्यावस्था कर दी है.
एडलर का हिन्दी के प्रति लगाव मोंटाना विश्वविद्यालय में भी चर्चा का विषय बन गया है.विश्वविद्यालय के ऑनलाइन न्यूज़ पेपर ने एडलर के हिन्दी समूह की कहानी अपने मुख्य संस्करण में प्रकाशित कर इसकी सराहना की है.पूरे विश्व में हिन्दी के प्रति लोगों की रूचि भी बढ़ रही है और हिन्दी के प्रति सम्मान भी अब ज़रूरत इस बात की है कि हिन्दी भाषी लोगों के मन में भी अपनी भाषा के प्रति सम्मान का भाव जगे. जिस दिन हिन्दी भाषी समाज अपनी मातृभाषा को यथोचित सम्मान देने लगेगा उस दिन से हिन्दी विश्वभाषा के रूप में स्थापित हो जाएगी।

गूगल हिंदी से साभार 

रविवार, 3 जुलाई 2011

कविता

बारिश का संगीत
-सुनीता बतरा

मौसमी दस्तक का तार
स्वागत है मानसून की प्रथम फुहार
टप-टप बूंदों का यह अजब गीत
झम-झम बारिश का अद्वितीय संगीत
स्वच्छ हरियाली व पत्तों पर रखी बूँदें इतना सुहातीं
जैसे हो प्रकृति हमारी मीत
मूसलाधार बारिश का अद्भुत शोर
जिसमें नहाया पर्यावरण का हर छोर
इंद्रधनुषी रंगों से आसमाँ सराबोर
मयूर भी नाचा, सायं हो या भोर।
अनुवादक
मंडल कार्यालय-311500
ग्रीन पार्क, नई दिल्ली