उप महा प्रबंधक का संदेश-2010
जयप्रकाश श्योकंद
उप महाप्रबंधक
दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय-1
दिनांक 14 सितंबर, 2010
प्रिय सहकर्मियो,
हिन्दी दिवस की आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं।
जैसाकि सर्वविदित है 14 सितंबर, 1949 को हिन्दी को भारत संघ की राजभाषा घोषित किया गया था, तब से प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में याद किया जाता है । स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस की तरह यह भी एक राष्ट्रीय पर्व है जो कि हमें भाषायी स्वतंत्रता का संदेश देता है।
केन्द्र सरकार के माननीय गृह मंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया है कि देश में कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग जिस तेज़ी से बढ़ रहा है उसी तेज़ी से उसमें हिन्दी का भी समावेश होना चाहिए। इसी क्रम में हमारे प्रधान कार्यालय ने पहले जेनसिस और अब स्विस में भी पॉलिसी इत्यादि डाटा के हिन्दी रूपान्तरण की सुविधा उपलब्ध करा दी है। मुझे इस बात का उल्लेख करते हुए खुशी हो रही है कि इससे संबंधित अनुवाद कार्य में दिल्ली क्षेत्रीय कार्याल-1 का भी योगदान रहा है। इसी संदर्भ में मैं यह भी बताना चाहूंगा कि प्रधान कार्यालय ने हमारे क्षेत्रीय कार्यालय को लायबिलिटी मैनुअल एवं टाटा कंसल्टेंसी सर्विस द्वारा तैयार सीआरएम यूज़र मैनुअल के हिन्दी अनुवाद का कार्य भी सौंपा था जिसे हमने सफलतापूर्वक पूरा किया है।
इसके अतिरिक्त मुझे यह बताते हुए भी गौरव का अनुभव हो रहा है कि हमारा क्षेत्रीय कार्यालय पहला एकमात्र ऐसा क्षेत्रीय कार्यालय है जिसने राजभाषा संबंधी अपना एक ब्लॉग तैयार किया है जिसका पता है www.newindiarajbhasha.blogpot.com मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि न केवल इस ब्लॉग को पढ़ें अपितु अपनी ओर से सूचनाओं, लेख इत्यादि हिन्दी विभाग को उपलब्ध कराकर इस ब्लॉग को अद्यतन रखने में अपना योगदान दें। सूचना प्रौद्योगिकी के मामले में हमारे क्षेत्रीय कार्यालय का नाम अन्य उपक्रमों के मध्य भी सम्मान से लिया जाता है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की विभिन्न गतिविधियों में हमारा सहयोग तो रहता ही है, हाल ही में हमने उनके लिए भी एक हिन्दी ब्लॉग तैयार किया है जिसकी गृह मंत्रालय के उच्चाधिकारियों ने भी प्रशंसा की है।
लेकिन इन उपलब्धियों के बीच हमें अपने दैनिक कार्यों में हिन्दी के प्रयोग को नहीं भूलना चाहिए। जहां सभी विभागाध्यक्षों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि कोई भी कार्यालयादेश या परिपत्र द्विभाषी जारी हो, वहीं अन्य सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिन्दी में अधिक से अधिक टिप्पणियां लिखनी चाहिए एवं मूल हिन्दी पत्राचार को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
हिन्दी पखवाड़े को रोचकता प्रदान करने के लिए अनेक हिन्दी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। आशा है आप सब इनमें उत्साहपूर्वक शामिल होंगे।
अंत में यह बात विशेष रूप से कहना चाहूंगा कि हिन्दी पखवाड़े के दौरान हिन्दी प्रयोग का जो माहौल तैयार होता है उसे साल भर बनाए रखें और हिन्दी कार्यान्वयन में एक मिसाल कायम करें।
जय हिन्द।
जयप्रकाश श्योकंद
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